कर्नाटक में चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ का कहर, चार की मौत

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बेंगलूरु. कर्नाटक के तटीय और आसपास के मलनाड जिलों में चक्रवाती तूफान ‘तौकते’ के कहर से राज्य में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।

कर्नाटक राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों की रविवार सुबह बैठक में हालात की समीक्षा की गई। बताया जाता है कि दक्षिण कन्नड़, उडुपी, उत्तर कन्नड़, कोडगू, शिवमोग्गा, चिकमगलूरु और हासन आदि सात जिलों के 17 तालुक और 73 गांव तौकते से प्रभावित हैं।

उडुपी जिले में सर्वाधिक असर

उडुपी जिले में तौकते का सर्वाधिक असर देखा जा रहा है जहां 28 गांव प्रभावित हैं।

अधिकारियों ने कहा कि अब तक उत्तर कन्नड़, उडुपी, चिकमगलूरु और शिवमोग्गा जिले में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।
उन्होंने कहा कि उत्तर कन्नड़ जिले में अपनी नाव को बंाधने गया एक मछुआरा दूसरी नाव की चपेट में आ गया। उसकी मौत हो गई। उडुपी में बिजली के तारों की चपेट में आने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई।

इसी तरह चिकमगलूरु और शिवमोग्गा में घर गिरने और बिजली गिरने से एक-एक मौत हुई है। अब तक कुल 318 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें से 298 लोग वर्तमान में खोले गए 11 राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं।

अब तक कुल 112 मकान, 139 खंभों, 22 ट्रांसफार्मरों, 4 हेक्टेयर में बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है।

बचाव और राहत कार्य के निर्देश
इस बीच, मुख्यमंत्री बी एस येडियूरप्पा ने रविवार को तटीय जिलों के प्रभारी मंत्रियों और वहां के उपायुक्तों को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और बचाव और राहत कार्य करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि राज्य सरकार की ओर से किसी आपात सहायता की जरूरत हो तो वे संबंधित मंत्रियों या उन्हें सीधे फोन करें।

छह जिलों में भारी वर्षा

मालूम हो कि पिछले 24 घंटों में तीन तटीय जिलों (दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़) और तीन मलनाड जिलों (शिवामोग्गा, कोडगू और चिकमगलूरु में चक्रवाती तूफान तौकते के कारण भारी से अत्यधिक भारी वर्षा हुई है। इस दौरान लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं।

उडुपी जिले के कुंडापुरा तालुक के नाडा स्टेशन पर सबसे अधिक 385 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जिले में कई स्थानों पर सडक़ क्षतिग्रस्त हुई है और पेड़ उखड़ गए हैं।

गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि तूफान प्रभावित जिलों में अग्निशमन, पुलिस, होमगार्ड, एसडीआरएफ के लगभग 1,000 प्रशिक्षित कर्मियों को तैनात किया गया है और वे बचाव और राहत कार्यों में समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।

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