बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव पर दर्ज मामले वापस ले सकती है झारखंड सरकार, इन मामलों में जेल में हैं बंद

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हजारीबाग : राज्य सरकार बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव के विरुद्ध दर्ज चिरुडीह गोलीकांड सहित सात मामलों को वापस लेने पर विचार कर रही है. चिरुडीह गोलीकांड में चार लोगों की मौत हो गयी थी. योगेंद्र साव फिलहाल इसी मामले में जेल में बंद हैं. सरकार जिन मामलों को वापस लेने पर विचार कर रही है, उसमें बड़कागांव थाना कांड संख्या 122/16, 135/16,136/16,167/15,225/16,226/16 और 228/16 शामिल हैं. सरकार ने इन मुकदमों की वापसी पर लोक अभियोजक की राय जानने के लिए उन्हें पत्र लिखा है.

सरकार की ओर से लोक अभियोजक को लिखे गये पत्र में कहा गया है कि बड़कागांव थाने में दर्ज इन मामलों को वापस करने पर सरकार विचार कर रही है. हाइकोर्ट के आदेश के आलोक में सभी मामले रांची स्थित न्यायालय में स्थानांतरित किये जा चुके हैं. अभी इन सभी मामलों की सुनवाई रांची स्थित व्यवहार न्यायालय में चल रही है.

सभी मामले राजनीतिक आंदोलनों से संबंधित हैं. दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 321 के तहत इन मामलों को वापस लेने के लिए सरकार के स्तर पर विचार किया जाना है. अत: आपसे अनुरोध है कि इन सभी मामलों में एक सप्ताह के अंदर आप अपना मंतव्य दें.

योगेंद्र साव व अन्य के खिलाफ दर्ज मुकदमों का ब्योरा

बड़कागांव थाना कांड संख्या (122/16) :

जल सत्याग्रह से संबंधित है, जिसमें पानी में खड़े होकर एनटीपीसी का विरोध किया गया था. मामले में आरोप पत्र दायर किया जा चुका है.

बड़कागांव थाना कांड संख्या (135/16 और 136/16) :

एनटीपीसी में ओबी हटाने के विवाद को लेकर मामला दर्ज किया गया है. रैयतों ने किया ने इसका विरोध किया था. इस दौरान पुलिस के साथ झड़प हुई थी.

बड़कागांव थाना कांड संख्या (167/15) :

बड़कागांव के ढेंगा में एनटीपीसी के आरएंडआर कॉलोनी में पर्यावरण बचाओ आंदोलन के दौरान पुलिस के साथ झड़प हुई थी. मामले में आरोप पत्र दायर किया जा चुका है. इस घटना में गोली चलने से छह लोग घायल हुए थे. घायलों में चंद कुमार, मंटू सोनी, जुबैदा खातून, संजय राम, सन्नी देवल राम संतोष राम शामिल हैं. सभी घायलों ने कोर्ट में शिकायतवाद दायर किया है. हाइकोर्ट और लोकायुक्त में याचिका भी दायर हुई है.

बड़कागांव थाना कांड संख्या (225/16 और 226/16) :

एनटीपीसी माइनिंग स्थल चिरुडीह जाने वाली सड़क जाम करने, काम बाधित करने और मारपीट करने का आरोप है. 226/16 में गवाही पूरी हो चुकी है. 225/16 में गवाही चल रही है.

बड़कागांव थाना कांड संख्या (228/16) :

चिरुडीह गोलीकांड से संबंधित है. आरोप है कि योगेंद्र साव ने ग्रामीणों को ढाल बना कर कफन सत्याग्रह आयोजित किया था. एक अक्टूबर 2016 को निर्मला देवी को गिरफ्तार कर थाना लाने के क्रम में योगेंद्र साव के समर्थकों ने पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया था. इस बीच निर्मला देवी हिरासत से भाग गयीं. पुलिस और ग्रामीणों की झड़प में चार लोगों की मौत हो गयी थी. मरनेवालों में रंजन दास, अभिषेक राय, पवन साव और महताब आलम शामिल हैं. हालांकि पुलिस ने प्राथमिकी में इन मौतों को दर्ज नहीं किया है.

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