ऑक्सीजन संकट के समय सबसे बड़ी लाइफलाइन बना झारखंड, ओडिशा व गुजरात

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नई दिल्ली/रांची. कोविड-19 की दूसरी लहर के प्रकोप के दौरान देश के कई राज्यों में जब ऑक्सीजन की कमी का संकट गहराया, तब कुछ सक्षम राज्यों के प्लांटों से ऑक्सीजन लेकर ज़रूरतमंदों इलाकों तक पहुंचाई गई. भारतीय रेलवे ने ऐसे समय में झारखंड के प्लांटों से 8000 टन से ज़्यादा लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लोड कर ऑक्सीजन एक्सप्रेस के कई फेरे लगाए. एलएमओ की सबसे ज़्यादा सप्लाई अगर किसी राज्य ने की, तो वह झारखंड रहा. भारतीय रेलवे ने इस बारे में एक पत्र जारी करते हुए बताया कि इसके बाद, 7018 टन ऑक्सीजन की सप्लाई करते हुए ओडिशा दूसरे बड़े सप्लायर राज्य के तौर पर उभरा. इन राज्यों को अगर मात्रा के हिसाब से देखा जाए तो लिस्ट कुछ इस तरह बनती है.

दो महीने पहले जब कुछ राज्यों में मरीज़ों की ज़रूरतों के मुताबिक ऑक्सीजन उपलब्ध न होने की समस्या खड़ी हुई, तब 24 अप्रैल को पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस के साथ उसी महीने से रेलवे ने यह अहम सप्लाई शुरू करवाई थी. इस परिवहन में सबसे ज़्यादा ऑक्सीजन मुहैया कराने वाले राज्यों की लिस्ट में गुजरात तीसरे नंबर पर रहा.

भारतीय रेलवे के बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार कुल 15 राज्यों को एलएमओ पहुंचाने के लिए 593 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई गईं. इनके ज़रिये 1405 टैंकरों में भरकर 23,741 टन ऑक्सीजन सप्लाई की गई.

रेलवे के बयान के मुताबिक 24 अप्रैल को पहली ऑक्सीजन ट्रेन चलाकर महाराष्ट्र को 126 टन एलएमओ की सप्लाई की गई थी. इसके बाद लगातार ज़रूरतमंद राज्यों के लिए ये विशेष ट्रेनें चलाई गईं. मौजूदा आंकड़ा बताते हुए रेलवे ने कहा कि छह और ऑक्सीजन एक्सप्रेसें अपने गंतव्य की तरफ रवाना हो चुकी हैं, जो 420 टन से ज़्यादा एलएमओ सप्लाई करने जा रही हैं.

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