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बक्सर के चौसा में गंगा किनारे तैर रहे शवों का क्या है राज?

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Chausa River

बक्सर जिला के चौसा में महादेवा घाट के आसपास गंगा किनारे मिले शव को लेकर डीएम अमन समीर ने अफवाह ना फैलाने की अपील की है. साथ ही उन्होंने कहा कि मामले को लेकर प्रशासन का पक्ष आवश्यक है. चौसा में अचानक 30 से ज्यादा की संख्या में मिले शवों की खबर पर प्रेसवार्ता कर जानकारी दी. जिला पदाधिकारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवाददाताओं को बताया कि इस घटना की जांच के लिए अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को भेजा गया था.

उन्होंने कहा कि जांच के क्रम में यह बात सामने आयी है कि गंगा नदी में पायी गयी लाशें तीन से चार दिन पुरानी हैं. इसीलिए स्पष्ट है कि लाशें बक्सर जिले की नहीं हैं. एसडीएम बक्सर ने बताया कि ग्रामीणों ने वार्ता के क्रम में जानकारी दी कि लाशें स्थानीय नहीं है. बल्कि एक-दो दिनों से गंगा नदी में अन्यत्र जगहों से बहकर आ रही है. स्पष्ट है कि ये लाशें गंगा नदी में सीमावर्ती राज्य से बहकर आई है.

एसडीएम ने कहा कि इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने बताया कि सीमावर्ती जिलों के जिला पदाधिकारीगणों से वार्ता भी गई है तथा भविष्य में घटना को रोकने के लिए कड़ी चौकसी बरतने के लिये नौका पर पेट्रोलिंग करवाने का भी आदेश भी देने की बात कहीं. सरकार के दिशा-निर्देश के अनुरूप बक्सर जिले में कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित मृत व्यक्तियों के अंत्येष्टि के लिए सरकार के द्वारा निःशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. जिला पदाधिकारी ने जानकारी दी कि सामान्य मृत व्यक्तियों के लाशों को अंत्येष्टि के लिए लकड़ी निर्धारित मूल्य पर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है.

बता दें कि जिला मुख्यालय से करीब 11 किलोमीटर दूर चौसा के गंगा घाटों के किनारे लाशों का ढेर लगा था. नदी के किनारे लगी इन लाशों को कुत्ते और सियार नोच रहे थे. दरअसल, कोरोना मरीजों की मौत के बाद जैसे-तैसे उनका दाह-संस्कार किया जा रहा है.बड़ा वीभत्स था. जब जिला प्रशासन को इसकी भनक लगी, तो मौके पर सदर अनुमंडलाधिकारी से लेकर चौसा के सीओ और बीडीओ तक को मौके पर भेजा गया.

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