केरेडारी प्रखंड में पैक्स चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही जातीय समीकरण चालू हो गया है कई उम्मीदवार जातीय समीकरण बैठा कर चुनाव लड़ने की तैयारी में लगे हुए हैं कहीं तो ऐसा भी सुनने को मिल रहा है कि बड़े-बड़े जनप्रतिनिधियों को पैरवी तक पैक्स चुनाव में लग रहे है कई पंचायतों से सदस्य बनाने के लिए अपनी जाति बहुल के लोगों को पैक्स अध्यक्ष लगे हुए हैं जाति बहुल होने का फायदा उठाने के लिए सदस्यता शुल्क तक अपने पैकेट से लगाकर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं कहीं-कहीं वैसे वैसे लोगों को सदस्य बनाया गया है जो पैक्स अध्यक्ष के करीबी या उनके बात मानने वाले होते थे वैसे लोगों को सदस्य बनाकर रखा गया है अध्यक्ष को जहां किसी पर शक लगा कि चुनाव में वह उम्मीदवार बन सकता है वैसे लोगों को सदस्य नहीं बनाया गया है पंचायत चुनाव हो या छोटे-मोटे कोई भी चुनाव सभी चुनाव में जातीय समीकरण बैठना शुरू हो जाता है केरेडारी प्रखंड में नए वीसीओ साहब का अभी तक केरेडारी के लोगों के साथ दीदार नहीं हुआ है ऐसा माना जा रहा है कि पैक्स चुनाव एक बड़ा चुनाव के जैसा ही लोग लाखों लाख चुनाव में लगाने की तैयारी जुटे हुए हैं तो कुछ जातीय समीकरण में लगे हुए हैं आने वाला वक्त ही बताएगा कि चुनाव जातीय समीकरण से जीत जा सकता है या चुनाव निष्पक्ष एवं जातीय समीकरण से हटकर होता है ।
