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सिरकटी शव बालेश्वर रजक के हत्यारे को एसडीपीओ ने महज 10 दिन में किया खुलासा

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सिमरिया : थाना क्षेत्र के लावालौंग में बीते 14 अगस्त को हत्यारों ने एक अधेड़ को सिर धड़ से अलग कर धड़ बक्शी जंगल में फेंक दिया था। यह घटना अनसुलझी सा लग रहा था। घटना में शामिल हत्यारों तक पहुँचने के लिए एसपी राकेश रंजन के निर्देशानुसार एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने एक एसआईटी टीम गठित किया।गठित टीम के अनुसंधान के क्रम में हत्या में शामिल गौतम बैठा, मनोज रजक दोनों पिता आदी बैठा और पिंटू रजक पिता शिवा बैठा ग्राम दुन्दुआ थाना सिमरिया को हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, तिन मोबाइल और एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पत्रकारों को बताया कि तीनों अभियुक्त सिमरिया थाना क्षेत्र के दुन्दुआ गाँव के निवासी है। तीनों ने मिल कर बालेश्वर रजक उम्र करीब 50 वर्ष पिता स्व पुशन बैठा ग्राम बंगावाद, थाना मांडू, जिला रामगढ़ को कुल्हाड़ी से गला काट कर एनएच 99 के किनारे बक्शी जंगल में धड़ को फेंक दिया था। वहीं सिर को बोरी में बंद कर अमानत नदी में प्रवाहीत कर दिया था। गिरफ्तार हत्यारों के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और अमानत नदी में फेंका गया सिर को बरामद कर तीनों अपराधियों को लावालौंग थाना काण्ड संख्या 50/22,धारा 302/201/34 भादवी के तहत चतरा जेल भेज दिया गया है।

हत्या करने के पीछे राज क्या था?

एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि तीनों ने अपने जुर्म कबूल करते हुए गौतम बैठा ने बताया कि बीते 15 वर्ष पूर्व रामगढ़ क्षेत्र के बंगावाद में मेरी बहन की शादी थी। मेरी बहन के साथ बालेश्वर रजक ने तिन चार बार बाजबरन बलात्कार कर हत्या कर दिया था। जिसमें हत्या का मामला मांडू थाना में तीन चार लोगों पर दर्ज किया गया था और सभी जेल से बेल पर बाहर हैं।किन्तु इसका नाम गलती से छूट गया था और बाहर छुप कर रह रहा था। यह बात दोनों आरोपियों को जानकारी थी। जिसका बदले के भावना से तीनों घटना का अंजाम देने के फिराक में लगे थे। 14 अगस्त को मृतक बालेश्वर केंदू गाँव में सबंधी के यहां जा रहा था। उसी दिन जबड़ा बाजार लगी हुई थी। अचानक दो भाइयों ने मृतक को देख लिया और साथ बैठ कर तीनों शराब पिया। पिने के बाद मृतक को साथ मोटरसाइकिल में बैठा कर बगरा की ओर आने लगा इसी क्रम में दो बार दुर्घटना ग्रस्त हो गया जिससे बालेश्वर रजक बुरी तरह घायल हो गया। दोनों ने अधमरा समझ मृतक को बक्शी जंगल में फेंक दिया। नहीं मरने के शक पर घर से पुनः कुल्हाड़ी लेकर तथा साथ में पिंटू रजक को लेकर अर्ध रात्रि को उक्त घटना स्थल पहुंच कुल्हाड़ी से सिर धड़ से अलग कर दिया और साक्ष्य को छुपाने को लेकर निःवस्त्र कर सिर को अमानत नदी में फेंक दिया। टीम में शामिल लावालौंग प्रभारी नंदन कुमार सिंह,भोलानाथ प्रमाणिक,रोहित साव,सिमरिया पुअनि रामदेव वर्मा, श्रीराम के अलावे लावालौंग थाना के सस्त्र बल शामिल थे।

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