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किसानों के आंदोलन के आगे झुकी मोदी सरकार, वापस लिए गए तीनों कृषि कानून

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प्रकाश पर्व के मौके पर पीएम मोदी ने आखिर किसानों की मांग मान ली। उन्होंने पिछले एक साल से किसान आंदोलन की वजह बने तीनों नए कृषि कानून केंद्र सरकार ने वापस ले लिए हैं। शुक्रवार को देश के नाम अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने यह बड़ा ऐलान किया। अपने 18 मिनट के संबोधन में मोदी ने कहा कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को नेक नीयत के साथ लाई थी, लेकिन यह बात हम किसानों को समझा नहीं पाए।

इसके बाद एक तरफ जहां दिल्ली बॉर्डर पर किसानों ने जश्न शुरू कर दिया है। साथ ही बाद सोशल मीडिया पर रिएक्शन आने शुरू हो गए हैं। किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत ने कहा कि हम तब तब कृषि कानून वापस नहीं लेंगे जब तक कानूनों को संसद में रद्द नहीं किया जाएगा।

तीन कृषि कानून बिल लिए वापस
मैं देश वासियों के क्षमा मांगते हुए, सच्चे मन से कहना चाहता हूं कि हमारे प्रयास में कमी रही होगी कि हम उन्हें समझा नहीं पाए। आज गुरू नानक जी का पवित्र प्रकाश पर्व है। आज मैं आपको यह बताने आया हूं, कि हमने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला किया है। इस महीने के अंत में शुरू होने जा रहे संसद सत्र में तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे। मेरी किसानों से अपील है कि अपने घर लौटें, खेतों में लौटें।

फसल बीमा योजना को बनाया प्रभावी 
हमनें फसल बीमा योजना को अधिक प्रभावी बनाया, उसके दायरे में ज्यादाा किसानों को लाए। किसानों को ज्यादा मुआवजा मिल सके, इसके लिए पुराने नियम बदले। इस कारण बीते चार सालों में एक लाख करोड़ से ज्यादा का मुआवजा किसान भाईयों के मिला है। किसानों को उनकी उपज के बदले सही कदम मिले इसके लिए कदम उठाए गए। हमने एमएसपी बढ़ाई साथ ही साथ रिकॉर्ड सरकारी केंद्र भी बनाए। हमारी सरकार के द्वारा की गई खरीद ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। हमने किसानों को कहीं पर भी अपनी उपज बेचने का प्लेटफॉर्म दिया। 

विकास, किसान कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता 
पीएम मोदी ने कहा कि हमनें किसान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इस सच्चाई से लोग अंजान हैं कि ज्यादा किसान छोटे किसान हैं। इनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। इन छोटे किसानों की संख्या 10 करोड़ से ज्यादा है। छोटी सी जमीन के सहारे ही वह अपना और अपने परिवार का गुजारा करते हैं। पीढ़ी दर पीढ़ी परिवारों में होने वाला बंटवारा जमीन को और छोटा कर रहा है। इसलिए हमने बीज, बीमा, बाजार और बचत इन सभी पर चौतरफा काम किया है।

गुरुनानाक जी का प्रकाश पर्व है

मैं विश्व भर में सभी लोगों को सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देता हूं। यह भी सुखद है कि डेढ़ साल के बाद करतारपुर कारिडोर फिर से खुल गया है। गुरु नानक जी ने कहा है कि संसार में सेवा में सेवा का मार्ग अपनाने से ही जीवन सफल होता है। हमारी सरकार इसी सेवा भावना के साथ देशवासियों का जीवन आसान बनाने में जुटी है। न जानें कितनी पीढ़ियां, जिन सपनों को सच होते देखना चाहती थीं। भारत आज उन सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहा है। 

पीएम का राष्ट्र के नाम संबोधन: मेरी अपील है किसान खेतों में वापस लौट जाएं, हम तीनों कृषि कानून बिल वापस ले रहे हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र के नाम संदेश दे रहे हैं। कोरोना काल में यह उनका 11वां संबोधन है। इससे पहले उन्होंने 100 करोड़ वैक्सीन डोज लगने पर देश को संबोधित किया था।

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