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रूपेश के पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

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बरही: शुक्रवार को झारखंड सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास स्व. रूपेश पांडे के परिजनों से भेंट करने उनके आवास नईटांड (करियातपुर) पहुंचे। उनके साथ पूर्व विधायक मनोज कुमार यादव, बरकट्ठा विधायक अमित यादव, पूर्व विधायक जानकी यादव, भाजपा प्रदेश सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष किसलय तिवारी, भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक यादव आदि कई भाजपा के वरीय नेता शामिल थे। मौके पर पहुंचे रघुवर दास ने सबसे पहले स्व. रूपेश कुमार पांडे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दिया। उसके बाद मृतक के परिजनों से भेंटकर शोक संवेदना व्यक्त किया। वहीं उपस्थित परिजनों एवं लोगों से घटना की जानकारी ली। शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि रूपेश कुमार पांडे अपने माता पिता का इकलौता चिराग था, जो मॉब लिंचिंग के कारण बुझ गया। इस परिवार की माली हालत खराब है, इसलिए भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता तीन दिन के अंदर पीड़ित परिवार को 5 लाख देगी। उसके बाद उन्होंने कहा कि यह घटना तब हो रही है, जब सरकार द्वारा मॉब लिंचिंग कानून बनाया गया। वहीं उन्होंने हेमंत सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह घटना सिद्ध करता है कि राज्य में कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। वहीं उन्होंने कहा कि इस राज्य में अराजकता का माहौल है, व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है, राज्य विनाश की ओर जा रहा है। बरही में रूपेश कुमार पांडे की निर्मम हत्या झारखंड को शर्मसार करने वाली घटना है, इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। जबसे यह गठबंधन की सरकार बनी है, तभी से जिहादी मानसिकता वाले और राष्ट्र विरोधी शक्तियां का मनोबल बढ़ चुका है। जिसके परिणाम स्वरूप सरकार के 26 महीने के कार्यकाल में करीब 10 घटनाएं घट चुकी है। रघुवर दास ने कहा कि झारखंड में हमारी सरकार के दौरान तबरेज आलम की हत्या हुई थी, उसे मॉब लिंचिंग बताकर कांग्रेस ने मामले को काफी उछाला था, यहां तक कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने भी मामले को उछाल कर झारखंड को बदनाम करने का काम किया था, लेकिन आज बरही में बहुसंख्यक समाज का एक युवक कि हत्या हो गई, इस पर कांग्रेस, झामुमो आदि के लोग चुप्पी साधे बैठे हैं।

वही व्यंग कसते हुए कहा कि आज राहुल गांधी का ट्वीट कहां गया।  यह सभी चुप है क्योंकि यह बहुसंख्यक समाज का मामला है। अगर अल्पसंख्यक समाज का हत्या होती है तो ये लोग मॉब लिंचिंग कहते हैं, वहीं बहुसंख्यक समाज के लोगों को की हत्या होती है तो चुप्पी साध लेती है। हम झारखंडवासी आपसी सौहार्द और सद्भावना बनाकर रखने वाले लोग हैं। बहुसंख्यक समाज हमेशा शांति और सौहार्द बना कर रखने पर विश्वास करती है। अगर सरकार हमारी समाज की परीक्षा लेंगी तो हमारा समाज दबने वाला नहीं है। वहीं उन्होंने राज्य सरकार से मांग किया कि स्व. रूपेश पांडे के परिजनों को अभिलंब 50 लाख की मुआवजा दे। साथ ही मांग किया कि स्व. रूपेश कुमार के परिवार की ओर से दिए गए आवेदन आधार पर 27 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जांच पड़ताल करते हुए अविलंब सभी की गिरफ्तारी होनी चाहिए। यहां भय का वातावरण प्रशासन नहीं बनने दे। साथ ही बहुसंख्यक समुदाय के 87 लोगों पर दर्ज हुए प्राथमिकी पर कहा कि यह झूठा केस दर्ज किया गया है। उस पर प्रशासन अविलंब रोक लगाए। पीड़ित परिवार द्वारा जो भी आवेदन दिया गया है उस पर प्रशासन बिना दबाव के निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्रवाई करें। सभी दोषियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए। रघुवर दास ने कहा कि पीड़ित परिवार की ओर से दिए गए आवेदन में मॉब लिंचिंग का धारा लगना चाहिए था इसके लिए में डीजीपी, राज्यपाल और एसपी से बात करूंगा। वहीं उन्होंने सरकार से फास्ट ट्रेक कोर्ट के माध्यम से कार्रवाई की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा कि रूपेश हिंदुत्व पर मुखर हो कर बोलता था इस पर कहीं ना कहीं दूसरे समुदाय को चीड़ था, जिसके कारण शायद इसकी हत्या की गई होंगी। उन्होंने कहा कि हम राजनीति नहीं करते, सरकार से सिर्फ यह चाहते हैं कि रूपेश कुमार के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तारी की जाए, यह सरकार का कर्तव्य भी है।मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश ठाकुर, ओबीसी प्रमंडलीय प्रभारी किसुन यादव, बरही विधान सभा सांसद प्रतिनिधि अर्जुन साहू, सद्भावना विकास मंच के अध्यक्ष राज सिंह चौहान, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मोतीलाल चौधरी, गणेश यादव, भगवान केसरी, भाजपा युवा नेता रितेश गुप्ता, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी रंजीत चंद्रवंशी, पप्पू चंद्रवंशी, डोमन पांडे, राजेंद्र कुशवाहा, विहिप जिला सह मंत्री गुरुदेव गुप्ता समेत भारी संख्या में लोग शामिल हुए।

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