पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी के कार्यालय में बना था पीएम मोदी को खतरे में डालने का प्लान: विक्रम सिंह मजीठिया

0
17

पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक का मुद्दा अब जोर पकड़ने लगा है. अब तक भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच जो बयानबाजी का दौर चल रहा था, उसमें शिरोमणि अकाली दल भी कूद पड़ी है. शिरोमणि अकाली दल के नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर मंगलवार को पंजाब की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा.

शिरोमणि अकाली दल के नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के काफिले को कभी भी कहीं भी 20 मिनट के लिए नहीं रोका गया. उन्होंने कहा कि यदि पंजाब के मुख्यमंत्री के लिए रास्ते क्लियर हो सकते हैं, तो प्रधानमंत्री के लिए क्यों नहीं? इतना ही नहीं, विक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब की कांग्रेस सरकार और प्रदेश के मुखिया चरणजीत सिंह चन्नी को कठघरे में खड़ा करते हुए गंभीर आरोप भी लगाये.

विक्रम सिंह मजीठिया ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक के लिए सीधे तौर पर कांग्रेस के नेता और पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जिम्मेदार ठहराया. कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के बाद मजीठिया ने पहली बार चरणजीत सिंह चन्नी पर बड़ा हमला बोला. कहा कि प्रधानमंत्री के काफिले को पंजाब में 20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर रोका गया, क्योंकि इसकी योजना मुख्यमंत्री के कार्यालय में बनी थी. मजीठिया ने कहा कि प्रधानमंत्री और भाजपा को नीचा दिखाने के लिए सीएम कार्यालय में इसकी योजना बनायी गयी थी.

मजीठिया ने कहा कि जब आप अक्षम अफसरों को पुलिस महानिदेशक बनायेंगे, जो यूपीएससी की पैनल में नहीं आते, वैसे अधिकारियों को सीनियर पोस्ट पर अप्वाइंट करेंगे, तो ऐसी घटनाएं होंगी ही. उन्होंने कहा कि जब आप मुख्यमंत्री के लिए रास्ता ढूंढ़ सकते हैं कि उनका काफिला न रुके, तो प्रधानमंत्री के लिए क्यों नहीं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की जान को आपने खतरे में डाला.

मामला नरेंद्र मोदी का नहीं, देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा का- मजीठिया

यह मामला नरेंद्र मोदी का नहीं है. मामला प्रधानमंत्री का है. देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा सबसे बड़ी बात है. मैं बता रहा हूं कि मुख्यमंत्री के कार्यालय में प्लानिंग और प्लॉटिंग हुई. इसमें गृहमंत्री की भी सहभागिता रही है. उनकी सहमति से यह सब कुछ हुआ. आखिर आज तक पंजाब प्रदेश कांग्रेस के नेता का रास्ता कहीं रोका गया? कभी ऐसा नहीं हुआ. फिर प्रधानमंत्री के काफिले को कैसे रोका गया? इसकी तह में जाने की जरूरत है.

विक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पहले एक अक्षम अधिकारी को तैनात किया. उसका इस्तेमाल किया और जब इस्तेमाल हो गया, तो फिर उसे हटा दिया. आखिरकार चन्नी साहब ने पुलिस महानिदेशक को हटा दिया न. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जान को खतरे में डालने की यह सोची-समझी साजिश थी और इसका पूरा प्लॉट मुख्यमंत्री के कार्यालय में बना था.

20 मिनट तक फ्लाईओवर पर रुका रहा पीएम का काफिला

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब में कई योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे. बठिंडा एयरपोर्ट से निकलने के बाद जब वह सड़क मार्ग से फिरोजपुर जा रहे थे, तो बीच रास्ते में कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक दिया. एक फ्लाईओवर पर पीएम मोदी के काफिले को 20 मिनट तक रोके रखा गया. इस दौरान न तो पंजाब पुलिस ने सुरक्षाकर्मियों को वहां भेजा, न ही मुख्यमंत्री ने इस संबंध में फोन पर बात की. मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जब फोन किया गया, तो उन्होंने फोन पर बात करने से इंकार कर दिया. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना को गंभीरता से लिया, क्योंकि पीएम के काफिले में न तो पंजाब के पुलिस महानिदेशक थे, न ही मुख्य सचिव. मुख्यमंत्री ने जैसी प्रतिक्रिया दी, उसके बाद भाजपा ने आरोप लगाया कि पंजाब की कांग्रेस सरकार ने जान-बूझकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन को खतरे में डाल दिया था.